दिवाली के बाद से फरवरी तक, रोज बनाकर पीएं ये काढ़ा, न्यूट्रीशनिस्ट बोलीं फेफड़ों के लिए है वरदान !

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दिवाली के बाद से ही हल्की सर्द हवाओं का दौर शुरू हो जाता है। इस दौरान सबसे बड़ी समस्या आती है, बढ़ते प्रदूषण की।

दिल्ली जैसे कई बड़े महानगरों का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स इतना खराब हो जाता है कि चिंता में डालने वाला होता है। आपने कई स्ट्डीज के दावे पढ़े होंगे, जहां जहरीली हवा में सांस लेने को कई सिगरेट पीने के बराबर बताया जाता है। ये जहरीली हवा सबसे ज्यादा फेफड़ों पर बुरा असर डालती है।

न्यूट्रीशनिस्ट लीमा महाजन बताती हैं कि दिवाली के बाद से ही फरवरी तकआपको एक स्पेशल काढ़ा बनाकर पीना चाहिए। ये आपके लंग्स की हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
आइए इसके बारे में जानते हैं।

काढ़ा पीना क्यों जरूरी है?

न्यूट्रीशनिस्ट लीमा बताती हैं कि दिवाली के बाद से ले कर फरवरी तक, फेफड़ों पर काफी जोर रहता है। फेस्टिव स्मोक, ट्रैफिक का धुआं और विंटर स्मॉग के चलते एयर क्वॉलिटी इंडेक्स तो लगातार कम होता ही है, साथ ही हमारी इम्यूनिटी भी कमजोर होती है। ऐसे में ये घर पर बना काढ़ा आपकी काफी मदद करता है। ये आपके फेफड़ों को मजबूत बनाता है, इम्यूनिटी को स्ट्रांग करता है और ओवरऑल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है।

जानें कैसे बनाना है ये काढ़ा

इस काढ़े को बनाने के लिए आपको 3 कप पानी में कुछ चीजें मिलाकर पका लेना है। जैसे 7-8 तुलसी के पत्ते, 2 चुटकी हल्दी पाउडर, 1 चुटकी काली मिर्च पाउडर, 1-2 लौंग और गुड़ का छोटा टुकड़ा। इसे हल्की आंच पर तब तक उबालें, जब तक ये सिर्फ 1/3 कप बचे। अब एक नींबू निचोड़कर गरमा-गरम काढ़ा ड्रिंक करें।

क्या हैं फायदे?

इस काढ़े में सभी चीजें ऐसी हैं, जो आपकी इम्यूनिटी और लंग्स हेल्थ का ध्यान रखती हैं। तुलसी नेचुरल डिटॉक्स का काम करती है और बैटर ब्रीदिंग को सपोर्ट करती है। लौंग गले की खराश और इरीटेशन को दूर करती है और फेफड़ों को प्रदूषण से होने वाले डैमेज से बचाता है। हल्दी इन्फ्लेमेशन को कम कर के, शरीर के टॉक्सिन बाहर करती है। वहीं काली मिर्च से हल्दी का एब्जॉरपशन बेहतर होता है। गुड़ फेफड़ों को प्राकृतिक रूप से साफ करने में मदद करता है। नींबू में विटामिन सी होता है, जो इम्यूनिटी स्ट्रांग करता है और ऑक्सीजन फ्लो को बेहतर बनाता है।