सर्दियों के मौसम की शुरुआत होने वाली है। इन दिनों बाजार में ढेर सारी हरी सब्जियां जैसे पालक, बथुआ और सरसों दिखाई देती हैं। घरों में इनका साग, सब्जी, पूड़ी और भी कई डिशेज बनती हैं। क्या आपको पता है कि इन सब्जियों को उबालते या पकाते समय इनमें चुटकी भर चीनी मिलाई जाती है? जी हां, कई लोग यहां तक कि रेस्टोरेंट में भी ये ट्रिक अपनाई जाती है। अगर आप अभी तक ये नहीं करती हैं, तो इसके फायदे जानकर अगली बार से करना शुरू कर देंगी। तो चलिए जान लेते हैं कि ऐसा भला क्यों किया जाता है।
ताकि बरकरार रहे हरा रंग
पालक, बथुआ या सरसों जैसी हरी सब्जियां पकाते हुए अक्सर इनका हरा रंग फेड हो जाता है। ऐसे में अगर इन्हें पकाते हुए चुटकी भर चीनी मिला दी जाए, तो इनकी हरी रंगत बरकरार रहती है। आपने रेस्टोरेंट में बनी हरी चटनी या सूप देखें होंगे, उनका रंग एकदम ब्राइट ग्रीन होता है। ये रंगत हल्की सी चीनी मिलाने से ही आती है।
कड़वाहट को बैलेंस करता है
कुकिंग के दौरान जरा सी चीनी मिलाने पर कड़वाहट भी बैलेंस होती है। कई बार पालक या बथुआ में हल्का सा कड़वापन रहता है। ऐसे में हल्की सी चीनी एड कर दी जाए, तो स्वाद पूरी तरह बैलेंस हो जाता है। हालांकि ध्यान रहे आपको ज्यादा चीनी एड करनी है, वरना मीठापन भी आ सकता है। हमेशा चुटकी भर चीनी ही मिलाएं, ताकि टेस्ट नेचुरली एन्टांस तो सके।
ब्लांचिंग से हरा रंग बरकरार रखें
हरी पत्तेदार सब्जियां खासतौर से पालक को पकाने से पहले 1-2 मिनट के लिए उबालने रख दें, फिर तुरंत ठंडे पानी में डाल दें। इसे क्विक ब्लांचिंग कहते हैं। ऐसा करने से सब्जियों का ब्राइट ग्रीन रंग बरकरार रहता है और टेस्ट भी नेचुरली एन्हांस होता है। सूप, सब्जी, चटनी या कोई भी डिश बना रही हैं, तो ये छोटी सी ट्रिक फॉलो कर सकती हैं।








