HighLights
•US में 41 देशों की लिस्ट तैयार
•विदेश मंत्री की मंजूरी का इंतजार
•तीन श्रेणियों में लगेगा प्रतिबंध
पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। यदि अमेरिका यह यात्रा प्रतिबंध लगाता है तो पाकिस्तान की छवि और खराब हो जाएगी। वैसे भी हमारा पड़ोसी देश भीषण आर्थिक तंगी और अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है।
एजेंसी, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 41 देशों पर ट्रैवल बैन लगाने जा रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन को लगता है कि इन देशों के नागरिकों को किसी तरह उद्देश्य से अमेरिका आना सही नहीं है। ये लोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इन देशों की लिस्ट में पाकिस्तान का नाम भी शामिल है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर रॉयटर्स को बताया कि लिस्ट तैयार है। हालांकि यह सूची अस्थायी है। बाद में इसमें बदलाव हो सकता है। लिस्ट को अभी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के पास भेजा गया है।
3 श्रेणी में लगेगा यात्रा प्रतिबंध
यात्रा प्रतिबंध के तहत 41 देशों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है: पूर्ण वीजा प्रतिबंध, आंशिक वीजा प्रतिबंध जो पर्यटकों, छात्रों और कुछ अन्य प्रकार के वीजा को प्रभावित करेगा, और उन देशों के लिए आंशिक प्रतिबंध जो कुछ शर्तों पर आधारित होंगे।
अपने पहले कार्यकाल के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प ने सात इस्लामी देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था। बाद में पूर्व राष्ट्रपति बिडेन ने आदेश को रद्द कर दिया था। साथ ही इस फैसले को राष्ट्र की राजनीतिक अंतरात्मा पर कलंक भी करार दिया था।
इन देशों को नहीं मिलेगा यूएस वीजा
अफगानिस्तान
क्यूबा
ईरान
लीबिया
उत्तर कोरिया
सोमालिया
सूडान
सीरिया
वेनेजुएला
यमन
इन पर रहेगा आंशिक प्रतिबंध
इरीट्रिया
हैती
लाओस
म्यांमार
दक्षिण सूडान
शर्तें पूरी नहीं करने तक इन देशों पर भी आंशिक प्रतिबंध
अंगोला
एंटीगुआ और बारबुडा
बेलारूस
बेनिन
भूटान
बुर्किना फासो
काबो वर्डे
कंबोडिया
कैमरून
चाड
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य
डोमिनिका
इक्वेटोरियल गिनी
गाम्बिया
लाइबेरिया
मलावी
मॉरिटानिया
पाकिस्तान
कांगो गणराज्य
सेंट किट्स और नेविस
सेंट लूसिया
साओ टोम और प्रिंसिपे
सिएरा लियोन
पूर्वी तिमोर
तुर्कमेनिस्तान
वानुअतु
बता दें, राष्ट्रपति बनने के बाद 20 जनवरी को ट्रम्प ने एक कार्यकारी आदेश पर भी हस्ताक्षर किए थे, जिसमें अमेरिका में प्रवेश चाहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए सख्त सुरक्षा जांच की बात कही गई थी, जिसका उद्देश्य संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों की पहचान करना था।








