पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी संघर्ष अब खतरनाक रूप ले चुका है. तालिबान का दावा है कि इस संघर्ष में उसने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है. इस बारे में टोलो न्यूज ने एक रिपोर्ट छापी है. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि इस संघर्ष में नौ तालिबानी लड़ाके भी मारे गए. इसमें 16 अन्य घायल हुए हैं.
मुजाहिद ने टोलो न्यूज को बताया कि अफगान सेना ने बड़े पैमाने पर पाकिस्तानी हथियारों को भी लूट लिया. तालिबान ने 25 पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर भी कब्जा करने की भी बात कही है. यह संघर्ष पाकिस्तान द्वारा कथित हवाई हमलों के जवाब में किया गया है. सप्ताह की शुरुआत में अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान पर काबुल पर बमबारी और पूर्वी अफगानिस्तान के एक बाजार पर हमले का आरोप लगाया था. तालिबान सरकार ने इसे सीमा उल्लंघन करार दिया, जिसमें 46 नागरिक मारे गए. मरने वालों में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं थे.
पाकिस्तान ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने अफगान हमलों को अकारण बताते हुए नागरिकों पर गोलीबारी का आरोप लगाया. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि हमारी सेना ने अफगानिस्तान की उकसावे का मुंहतोड़ जवाब दिया और उनकी कई चौकियां नष्ट कर दीं.
प्रेस कॉनफ्रेंस ने दी चेतावनी
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मौलवी मोहम्मद याकूब मुजाहिद ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेतावनी दी कि अफगान सेना देश की सीमाओं की पूरी तरह रक्षा के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को हवाई और जमीनी सीमाओं की रक्षा का पूर्ण अधिकार है और हम किसी भी हमले का जवाब देंगे.
मुजाहिद ने इस्लामी सेना को डुरंड लाइन पर हाई अलर्ट रहने का निर्देश दिया. यदि पाकिस्तान पिछली गलतियां दोहराएगा तो काबुल का जवाब पहले से अधिक कठोर होगा. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह ख्वारिजमी ने बताया कि जवाबी ऑपरेशन आधी रात तक समाप्त हो गए, जिसमें हेलमंड, कंधार, पक्तिका, खोस्त, पक्तिया, जाबुल, नंगरहर और कुनार प्रांतों में पाकिस्तानी सैन्य और मिलिशिया चौकियों को निशाना बनाया गया.
हेलमंड प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता मौलवी मोहम्मद कासिम रियाज ने मीडिया को बताया कि बह्रमचा जिले के पास डुरंड लाइन पर ऑपरेशन किया गया. हरियत रेडियो के अनुसार अफगान सैनिकों ने तीन पाकिस्तानी सुरक्षा चौकियां कब्जा लीं. तालिबान ने कुनार और हेलमंड में कई बिंदुओं पर हमले किए. यह संघर्ष 2024 से चला आ रहा अफगान-पाकिस्तान तनाव का हिस्सा है, जहां पाकिस्तान अफगान तालिबान पर टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) को समर्थन देने का आरोप लगाता है.








