बिलासपुर जिले के लोफंडी गांव में शराब पीने से आठ लोगों की मौत हो गई। रिवोल्यूशन का दावा है कि सभी रेस्तरां सुपरमार्केट शराब पी रहे हैं। लेकिन प्रशासन ने शराब के पैकेट को घातक रूप से खारिज कर दिया है।
बिलासपुर। बिलासपुर जिला मुख्यालय से 11 किमी दूर लोफंदी गांव में जहरीली शराब पीने से तीन दिन के भीतर आठ ग्रामीणों की मौत हो गई। छह फरवरी को दो, सात फरवरी को पांच और आठ फरवरी को एक ग्रामीण ने दम तोड़ा।
सिम्स में भर्ती राजकुमार पटेल की हालत सामान्य हो रही है। वहीं पवन कश्यप की हालत गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों ने दावा किया है कि सभी मौतें जहरीली शराब पीने से हुई है। वहीं, प्रशासन ने जहरीली शराब से मौत होने से इन्कार किया है।
यह बताया जा रहा मौत का कारण
बताया है कि एक की मौत सांप काटने, तीन की हार्ट अटैक व चार की मौत विवाह आयोजन में फूड प्वाजनिंग से हुई। अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच जांच में जुट गई है। इधर, स्वजन व ग्रामीणों से जानकारी मिल रही है कि गांव के एक कोचिए ने चार दिन पहले कोटा विकासखंड के गनियारी गांव से कच्ची शराब मंगाई थी।
कोचिए से शराब खरीदकर पी थी
सभी ग्रामीणों ने इसी कोचिए से शराब खरीदकर पी थी। इसके बाद उनकी तबीयत लगातार खराब होती गई। मृतकों में लोफंदी निवासी देवकुमार पटेल, उनके बड़े भाई कन्हैया पटेल, कोचिए कोमल लहरे, बलदेव पटेल, शत्रुहन देवांगन, कोमल देवांगन, सरपंच रामावतार सुनहले के भाई रामू सुनहले, बुधराम पटेल शामिल हैं।
सरपंच के भाई की मौत के बाद कोनी पुलिस को मामले की जानकारी हुई। पुलिस की टीम गांव पहुंची तो पता चला कि चार दिन में सात की मौत हो चुकी है। गांव में रामू सुनहले के अंतिम संस्कार की तैयारी हो चुकी थी। पुलिस ने स्वजनों को समझाकर शव को पीएम के लिए भेजा।
रविवार को बुधराम पटेल के शव के बिना 6 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया। बिना शव के छह लोगों का अंतिम संस्कार किया गया। शनिवार सुबह कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनीश सिंह, जोसेफ पीयूष तिवारी सहित पुलिस व सरकारी अधिकारियों की टीम लोफंडी बिशप।
फूड प्वाइजनिंग भी बताई जा रही वजह
जिला प्रशासन का दावा है कि ग्रामीणों की मौत अलग-अलग कारणों से हुई है। देवकुमार पटेल की मौत सर्पदंश से हुई। तीन अन्य मौतें हार्ट अटैक से हुई। वहीं चार अन्य मौतों पर प्रशासन का कहना है कि गांव में श्रवण देवांगन के यहां छह फरवरी को शादी थी। इसमें पूरे गांव के लोग शामिल हुए थे। शादी में परोसे गए भोज में फूड प्वाजनिंग से इनकी मौत हुई है।
कोचिए ने मंगलवार को गेमरी से शराब मंगाई थी और खुद भी पी थी। उसने इसे शराब की तैयारी और खुद भी पी. के साथ जोड़ा। शराब पीने के बाद लोगों को पेट में दर्द और अन्य ग्लूकोज़ होता है। इसके बाद स्वजन उन्हें अस्पताल लेकर चले गए।
उठ रहे सवाल- महिलाएं और बच्चे क्यों नहीं हुए बीमार
जिला प्रशासन की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति में ग्रामीणों की हुई मौत के कारण का उल्लेख किया गया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या पुरुषों ने ही दावत उड़ाई थी। जबकि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए थे, उन्हें तो कुछ नहीं हुआ।








