महासमुंद। शहर की जीवनदायिनी कहे जाने वाले ‘सितली नाला’ को उसके पुराने प्राकृतिक स्वरूप में लौटाने के लिए एक अच्छी पहल की शुरुआत होने जा रही है। नाले के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए शुक्रवार, 7 अगस्त से प्रतिदिन श्रमदान अभियान शुरू किया जाएगा। स्वाध्याय केंद्र समिति के तत्वावधान में इस महत्वाकांक्षी अभियान को पूरी तरह से जनसहयोग के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है।
स्वाध्याय केंद्र समिति के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत पाणिग्रही व सचिव मोहन साहू ने शहरवासियों से इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि नाले की साफ-सफाई और प्राकृतिक जलस्रोत को पुनर्जीवित करने के लिए प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे से 8:00 बजे तक श्रमदान का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महासमुंद शहर के पर्यावरण संतुलन और जलस्तर को बनाए रखने में ‘सितली नाला’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय के साथ उपेक्षा और गंदगी का शिकार हुए इस नाले को पुनः जीवित करने के लिए समिति ने नागरिकों से सीधी सहभागिता का आह्वान किया है।
समिति के पदाधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों, युवाओं, प्रबुद्ध जनों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे 7 अगस्त से शुरू हो रहे इस अभियान में रोजाना सुबह केवल एक घंटा निकालकर अपनी सहभागिता दर्ज कराएं और महासमुंद की जीवनदायिनी धरोहर को बचाने में अपना योगदान दें।








