महासमुन्द। महासमुंद कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा है कि एक तरफ बेरोजगारी दूसरी ओर बेतहाशा बढ़ती महंगाई की मार से जनता दोनों ओर से पिस रही है। आर्थिक मोर्चे पर भाजपा सरकार पूरी तरह से असफल हो चुकी है। इस सरकार ने देश के 81 करोड़ जनता को यह सरकार गरीब बनकर केवल 5 किलो राशन की लाइन में खड़ा कर दिया है। गरीबी तेजी से बढ़ रही है, आम आदमी की घरेलू बचत ऐतिहासिक तौर पर न्यूनतम स्तर पर आ गई है। खाद्य तेल को 70 रुपए प्रति लीटर तक पहुंचने में 70 साल लग गए थे, लेकिन मोदी राज के चंद दिनों में ही 170 पार हो गया। घरेलू गैस सिलेंडर जो भाजपाइयों को 400 रुपए में महंगा लगाता था, उसे 900-1000 तक पहुंचा दिए। भाजपा सरकारों को जनता के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है। डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में आम आदमी का जीवन स्तर दिनों दिन खराब हुआ है, सारी राहत और रियायत केवल भाजपाइयों के पूंजीपति मित्रों के लिए है, देश के संसाधन, सार्वजनिक उपक्रम उन्हीं पर लुटाए जा रहे हैं, आम जनता इस महंगाई में परिवार पालने के लिए संघर्ष कर रहा है। डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा है कि महंगाई आम जनता के लिए भाजपा निर्मित आपदा बन चुकी है, रेलवे की टिकट से लेकर स्कूल, कॉलेजों की फीस तक सब कुछ कई गुना बढ़ चुका है। सरकार के संरक्षण में तरह तरह के सेवा शुल्क लगाकर बैंक, आम खातेधारकों को खुलेआम लूट रही है। पेट्रोल, डीजल से लेकर दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि ने आम जनता का बजट बिगाड़ दिया है।भाजपा की विष्णु देव साय सरकार ने 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना ख़त्म करके औसतन हर घरेलू उपभोक्ताओं जनता को लगभग दोगुना बिजली का बिल भेजा है।
लगातार 5 वर्षों तक जो राहत भूपेश बघेल की सरकार में आम जनता को बिजली के बिल में जो राहत मिल रही थी, भाजपा की सरकार ने वह रियायत छीन लिया है। यही नहीं अब तो स्मार्ट मीटर लगाकर अनाप शनाप वसूली कर रहे हैं। डबल इंजन सरकार के इस अन्यायपूर्ण फैसले से आम आदमी का बजट बिगड़ गया है।
कोयला हमारा, जमीन हमारी, पानी हमारा लेकिन भाजपा निर्मित महंगाई के चलते हमसे ही बिजली के महंगे दाम वसूले जा रहे हैं। डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा है भाजपा की सरकारें जनता को लूटने के नए-नए तरीके इजात करती है। मोदी सरकार आने के बाद से कोयल पर ग्रीन टैक्स कई गुना बढ़ाए गए, पावर प्लांट में फायर के लिए आवश्यक कंपोनेंट डीजल पर सेंट्रल एक्साइज बढ़ाए, रेलवे और सड़क परिवहन का माल भाड़ा बढ़ाए, फिर भी मन नहीं भरा, अब जीएसटी 2.0 में बिजली उत्पादन के मेन कॉम्पोनेंट कोयले पर जीएसटी की दर 5 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत लगाया गया है।








