महासमुन्द। बुधवार दिनांक 24 सितंबर 2025 को भारतीय जनता पार्टी के पर्यावरण, चिकित्सा प्रकोष्ठ एवं आई.एम.ए. रायपुर के एक संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने पूर्व विधायक एवं प्रदेश संयोजक चिकित्सा प्रकोष्ठ डॉ. विमल चोपड़ा के नेतृत्व में पर्यावरण बोर्ड में मेंबर बोर्ड श्री राजू जी से भेंट की एवं चिकित्सा जगत की समस्याओं के विषय में चर्चा की, बैठक में उठाए गए मुद्दों में से जिन जिन विषयों के निष्कर्ष पर वे सहमत हुए एवं उनके द्वारा कार्यवाही का आश्वासन मिला वे निम्नलिखित है –
1. क्लीनिक को दो भागों में विभाजित किया जाएगा, आयुष क्लिनिक और गैर आयुष क्लिनिक।
I. आयुष क्लिनिको में बायो मेडिकल वेस्ट प्रोडक्ट ना के बराबर निकलता है या नहीं निकलता है इस पर विचार करते हुए उन्हें पर्यावरण की NOC से अलग करने पर विचार किया जा सकता है।
I. गैर आयुष क्लिनिक पर पर वर्तमान में लगाया गया शुल्क 1200 से 1500 रुपए प्रति माह को हटाकर अन्य प्रदेशों में लागू स्तर पर 300 रुपए प्रति माह पर लाया जा सकता है। (ज्ञात हो कि महाराष्ट्र में प्रति क्लिनिक 300 रुपए प्रतिमाह निश्चित है।)- बायो मेडिकल वेस्ट निष्पादन की निर्धारित शुल्क के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। मान. महोदय के समक्ष वर्ष 2022 -23 का आदेश रखा गया, जिसको सामने रख उसके अनुसार वर्ष 2023 में 10% की वृद्धि और उनके बाद आने वाले वर्षों में 7½ % की वृद्धि प्रस्तावित की गई थी, इसमें चिकित्सकों की सहमति भी प्राप्त की गई थी। मान. महोदय के सामने प्रतिनिधि मंडल ने इस बात पर उन्हें राजी करने को मना लिया कि वृद्धि अत्यधिक है एवं अवास्तविक है। प्रतिवर्ष वृद्धि के स्थान पर इसे हर 3 साल में किया जाना चाहिए। वृद्धि को इन्फ्लेशन रेट से जोड़ा जाना चाहिए। इस पर उन्होंने सलाह दिया कि निर्धारण के लिए शासन द्वारा गठित कमेटी जिसकी अध्यक्षता कमिश्नर रायपुर करते हैं, उनके सम्मुख रखकर प्राप्त की जा सकती है।
- पर्यावरण मंडल से अस्पताल के लिए जारी की जाने वाली NOC में अत्यधिक विलंब होता है, उसके बारे में उन्होंने बोला अगर आवेदन पत्र NOC समाप्त होने के तीन माह पूर्व प्राप्त हो जाता है, तो उसे समय सीमा के अंतर्गत जारी कर दिया जाएगा।
- पर्यावरण की अनुमति लेने में अगर आवेदन पत्र में विलम्ब होता है, तो भारी जुर्माना का प्रावधान रखा गया है, इस स्थिति को देखते हुए समिति ने निवेदन किया कि जैसे – इंश्योरेंस पॉलिसी खत्म होने के पूर्व एस.एम.एस. और अन्य माध्यम से इंश्योरेंस कंपनी सूचना देती है, ठीक उसी प्रकार की व्यवस्था मंडल द्वारा भी की जाए। इस पर उन्होंने विचार करने के लिए सहमति जताई ।
- ध्वनि एवं जल प्रदूषण के लिए आवश्यक NOC के प्रावधान को नर्सिंग होम्स के लिए कैसे सरलतम किया जा सकता है, इस पर विचार किया जाएगा। भेंट के दौरान डॉ. विमल चोपड़ा के साथ, डॉ. अखिलेश दुबे, डॉ, केतन शाह, डॉ संजीव श्रीवास्तव, डॉ. सुनील गोल्हान उपस्थित रहे ।








