महासमुंद। स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर 8 अक्टूबर बुधवार 2025 को खरोरा स्थित मेडिकल कॉलेज के बैठक कक्ष में चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक एवं स्वायत्तशासी बॉडी के प्रदेश सरकार द्वारा नामांकित सदस्य डॉ. विमल चोपड़ा ने 8 अक्टूबर मंगलवार मेडिकल कॉलेज महासमुंद की विभिन्न समस्याओं को जानने के लिए डीन सहित विभिन्न लोगों से चर्चा की। चर्चा में जो भी कठिनाइयाँ मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को लेकर के आ रही है, उस पर गंभीर मंत्रणा की।
जिस पर उपस्थित लोगों ने सी-आर्म मशीन और सीटी स्कैन मशीन जैसी महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों की खरीदी की समस्याएँ बताई। सीटी स्कैन, सी आर्म मशीन, भर्ती, और जो भी बिंदु है सभी चीजों का इसके लिए लिखा जा चुका है, लेकिन अभी भी अनुमति नहीं मिलने के कारण, रुका हुआ है। विभाग में राशि की कमी नहीं है, इन सब के लिए जो राशि है, वह आवंटित हो चुकी है, लेकिन अनुमति नहीं मिली है, सिर्फ अनुमति की जरूरत है। इसके लिए पहले ही शासन को पत्र लिखा जा चुका है पर अनुमति नहीं मिल रही है। और भर्ती के लिए जो तीसरे और चौथे ग्रेड के लोग हैं जिनकी अस्पताल में आवश्यकता है, जिसके लिए यहाँ फंड भी उपलब्ध है, लेकिन शासन से आरक्षण रोस्टर नहीं मिलने के कारण, ये संविदा नियुक्ति रुकी हुई है, जिसके लिए शासन से अनुमति चाहिए। और छात्रों के लिए हॉस्टल व्यवस्था हेतु वन विभाग के कैंपस की अनुमति की आवश्यकता के साथ यह सभी समस्याएं बताई गई। जिसपर डॉ. चोपड़ा ने आश्वस्त किया कि सभी महत्वपूर्ण विषयों और समस्याओं का निराकरण हो, इसके लिए वह इन सभी मुद्दों को शासन के समक्ष रखेंगे।
बैठक के दौरान ही डॉ. चोपड़ा ने सी.जी.एम.एस.सी. (CGMSC) के अध्यक्ष दीपक मस्के से फ़ोन पर उनसे बात की और उन्हे सभी विषयों को अवगत कराया, जिस पर उन्होंने कहा कि वो अभी बिहार चुनाव में हैं और वहाँ से आते ही इन सब समस्याओं का निराकरण तत्काल करेंगे, । डॉ. चोपड़ा ने कहा कि जो नया मेडिकल कॉलेज है, एवं उसके लिए जो रास्ता है, उसमे भी दिक्कत है। उस रास्ते के निर्माण के लिए भी कोई फंड नहीं है। उसके लिए भी उन्होंने दीपक मस्के से चर्चा की ताकि वहाँ पहुँच मार्ग बन सके। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री जी ने इसके लिए निरीक्षण के दौरान ही निर्देश दिया था।
हॉस्टल के विषय डॉ. चोपड़ा ने शाम को कलेक्टर और डीएफओ से भी चर्चा की, जिसपर डी.एफ.ओ. ने भी रुचि दिखाते हुए कहा कि ऊपर सी.सी.एफ. से यदि निर्देश हो जाता है तो हॉस्टल हेतु, कैंपस की अनुमति देने में कोई आपत्ति नहीं है।
बैठक में डॉ. विमल चोपड़ा के साथ डॉ. रेणुका गहिने (अधिष्ठाता), डॉ. बसंत माहेश्वरी (संयुक्त संचालक व सह अधीक्षक), डॉ. अलखराम वर्मा (प्राध्यापक फिजियोलॉजी), डॉ. राजीव खरे (प्राध्यापक मेडिसिन), डॉ. नरेंद्र नरसिंह (सह प्राध्यापक सर्जरी), डॉ. नेहा ठाकुर (सह अध्यापक प्रसूति विभाग), और डॉ. नेहा अग्रवाल (सह प्राध्यापक दंत रोग विभाग), सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।








