दिल्ली। दिल्ली के साथ ही एनसीआर के इलाकों में एकबार फिर पलूशन का डरावना रुख नजर आ रहा है। आलम यह कि मंगलवार को दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 200 अंकों को पार कर गया। हवा की गुणवत्ता के खराब श्रेणी में पहुंचने के साथ ही दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रैप के पहले चरण की पाबंदियों को लागू कर दिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बिगड़ते प्रदूषण स्तर की समीक्षा के बाद प्रदूषण-रोधी उपायों के पहले चरण को सक्रिय करने का निर्णय लिया है।
कब लागू होता है GRAP-1
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी सीक्यूएएम की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दिल्ली में बिगड़ती हवा की गुणवत्ता के बीच ग्रैप-1 के प्रतिबंधों को लागू कर दिया गया है। ग्रैप-1 के तहत प्रतिबंध तब लागू होते हैं जब एक्यूआई 200 की सीमा को पार कर जाता है। मंगलवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 211 दर्ज किया गया जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
एजेंसियां होंगी मुस्तैद
जारी आदेश में कहा गया है कि ग्रैप-1 के तहत की जाने वाली कार्रवाइयों को पूरे एनसीआर में संबंधित एजेंसियों की ओर से लागू कराया जाएगा। जारी बयान में यह भी कहा गया है कि समिति AQI की बारीकी से निगरानी करेगी और उचित निर्णय लेने के लिए समय-समय पर हालात की समीक्षा करेगी।
GRAP-1 की पाबंदियां
सभी कार्यान्वयन एजेंसियां ग्रैप-1 के तहत लागू नियम कानूनों के अनुपालन को लेकर कड़ी निगरानी रखेंगी और उपायों को तेज करेंगी। नागरिकों से अनुरोध किया जाएगा कि वे भी ग्रैप-1 के तहत नागरिक चार्टर का सख्ती से पालन करें
1- ग्रैप-1 की पाबंदियों के तहत सभी निर्माण और विध्वंस स्थलों पर धूल नियंत्रण अनिवार्य है। 500 वर्ग मीटर से बड़ी परियोजनाओं के लिए धूल प्रबंधन योजना होनी चाहिए।
2- ग्रैप-1 के प्रतिबंधों के तहत खुले में कचरा, पत्ते और अन्य अपशिष्ट जलाने पर रोक है।
3- सड़क किनारे खाने-पीने की दुकानों और कॉमर्शियल रसोई में कोयले लकड़ी का इस्तेमाल पर भी रोक है। होटलों, रेस्टोरेंट और खुले भोजनालयों में खाना पकाने के लिए केवल बिजली, गैस या अन्य स्वच्छ ईंधनों का इस्तेमाल करना होगा।
4- जरूरी या इमरजेंसी इस्तेमाल को छोड़कर, डीजल जनरेटर प्रतिबंधित हैं।
5- ऐसे वाहन जो वायु प्रदूषण फैलाते हैं उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है या उन्हें जब्त किया जा सकता है।
6- ग्रैप-1 के उपायों में प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस तैनात करना और ड्राइवरों को लाल बत्ती पर इंजन बंद करने का निर्देश देना शामिल है। निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे लाल बत्ती पर इंजन बंद कर दें।
7- दिल्ली में 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन प्रतिबंधित हैं।
8- पलूशन कम करने के लिए हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
9- पूरे एनसीआर में पटाखों (उत्पादन, बिक्री और भंडारण) पर प्रतिबंध है।
10- दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों और ताप विद्युत संयंत्रों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आनंद विहार में AQI 350 पार
इस बीच दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 300 को पार कर गया। आनंद विहार में शाम को 6 बजे एक्यूआई 352 अंक रिकॉर्ड किया गया। कई अन्य इलाकों में एक्यूआई 200 के पार दर्ज किया गया।








