गरीबी में पले और 48 साल तक मां का मुंह नहीं देखा, हैरान कर देगी दुनिया के सबसे रईस शख्स की जिंदगी

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अरबपतियों की वैश्विक रैंकिंग में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. लंबे समय से टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर शख्स माने जाते थे, लेकिन अब 81 वर्षीय टेक दिग्गज और ओरैकल (Oracle) के सह-संस्थापक लैरी एलिसन ने उन्हें पछाड़ दिया है. कंपनी के शेयरों में आई ऐतिहासिक तेजी ने एलिसन को सीधा नंबर-1 पायदान पर लाकर खड़ा किया है.

आंकड़ों के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति एक ही दिन में 100 अरब डॉलर से ज्यादा बढ़ी और वे 393 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ मस्क को पीछे छोड़ते हुए टॉप पर पहुंच गए. लेकिन यहां तक पहुंचने से पहले उनका शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा हुआ था. चलिए उनकी कहानी जानते हैं.

गरीबी से शुरू हुई थी कहानी

लैरी एलिसन का जीवन सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, जून 1944 में न्यूयॉर्क में जन्मे एलिसन को उनकी मां ने जन्म के नौ महीने बाद रिश्तेदारों के हवाले कर दिया और चली गईं. 48 साल की उम्र तक लैरी एलिसन ने अपनी मां का चेहरा तक नहीं देखा था. उनके बचपन में आर्थिक तंगी और असुरक्षा हमेशा मौजूद रही. लैरी एलिसन का पढ़ाई-लिखाई में खास मन नहीं लगता था, उन्होंने इलिनॉय और शिकागो विश्वविद्यालयों में दाखिला लिया, लेकिन ग्रेजुएशन पूरी नहीं कर पाए. पढ़ाई अधूरी छोड़ने के बाद उन्होंने नौकरी की तलाश शुरू की और कैलिफोर्निया का रुख किया.

टेक्नोलॉजी ने बदली जिंदगी

कैलिफोर्निया पहुंचने के बाद एलिसन को कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का जुनून चढ़ा. छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करते हुए उन्होंने टेक्नोलॉजी की बारीकियां समझीं. मशीनों और कोडिंग के प्रति यह दिलचस्पी ही उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बनी. उनकी तेज सोच और जोखिम उठाने की क्षमता ने उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया.

2000 डॉलर से खड़ा किया साम्राज्य

1977 में उन्होंने महज 2000 डॉलर लगाकर अपने दोस्तों के साथ एक सॉफ्टवेयर वेंचर की नींव रखी थी. शुरुआत में यह कंपनी सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए डेटाबेस सॉफ्टवेयर तैयार करती थी. उसी वर्ष उन्होंने दो पार्टनर्स के साथ मिलकर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लैबोरेटरीज (SDL) बनाई, जिसका नाम बाद में Oracle Corporation रखा गया. यही कंपनी आने वाले दशकों में उनकी सफलता की असली वजह बनी.

37 साल तक रहे CEO

एलिसन ने करीब 37 साल तक Oracle के CEO के रूप में काम किया. 2014 में उन्होंने इस पद से इस्तीफा दिया, लेकिन कंपनी से पूरी तरह जुड़े रहे. आज वे Oracle के चेयरमैन और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हैं. साल 2012 में उन्होंने 300 मिलियन डॉलर में हवाई का मशहूर लनाई आईलैंड खरीदा और 2020 में वहीं जाकर बस गए, लेकिन इसके बावजूद तकनीक और नवाचार के प्रति उनका लगाव कभी कम नहीं हुआ
AI की मांग ने कर दिखाया कमाल

Oracle में उनकी 41% हिस्सेदारी ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचा दिया. बीते दिनों इस कंपनी के शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला. 10 सितंबर को Oracle का शेयर लगभग 40% चढ़कर 339.69 डॉलर तक पहुंच गया. AI आधारित क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग इस उछाल का मुख्य कारण रही. नतीजतन कंपनी का मार्केट कैप करीब 948 अरब डॉलर तक जा पहुंचा. इसी तेजी ने एलिसन की नेटवर्थ को 393 अरब डॉलर तक पहुंचा दिया.