बिजली को लूट का जरिया बनाकर छत्तीसगढ़ियों की जेब पर डाका डाल रही भाजपा सरकार, मिनी स्टील, रोलिंग मिल जैसे बड़े उद्योगों की बिजली दरें भाजपा सरकार ने घटाई : विनोद चंद्राकर

0
13

महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव छग शासन व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने भाजपा की साय सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई वृद्धि को लूट का जरिया बताया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता आज बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और महंगे बिल की दोहरी मार झेल रही है। जिस प्रदेश के सीने में देश का 20% कोयला दबा है, उसी प्रदेश की जनता बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रही है। ऊपर से विष्णु देव साय सरकार दिन-प्रतिदिन बिजली की दर बढ़ाकर आम आदमी की जेब काट रही है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद पौने 3 साल में बिजली 5 बार महंगी हो चुकी है। 2023 के बाद घरेलू उपभोक्ताओं पर 80 पैसे प्रति यूनिट तक बोझ डाला गया। 2026-27 में 6.23% की वृद्धि और 12% ईंधन अधिभार थोपकर सरकार ने साबित कर दिया कि उसे जनता के सुख-दुख से कोई सरोकार नहीं है।श्री चंद्राकर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने गरीब और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए 400 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना लागू की थी। 50 लाख से ज्यादा परिवारों को सीधा फायदा मिल रहा था। साय सरकार ने आते ही इस योजना पर कैंची चला दी। पहले 100 यूनिट और फिर दिखावे के लिए 200 यूनिट कर दिया। 400 यूनिट का बिल जो 1000 रु तक आता था, आज 2100 रु से ज्यादा वसूला जा रहा है। यह सीधे-सीधे जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका है। दुर्भाग्य है कि हमारा कोयला दूसरे प्रदेशों को रोशन कर रहा है, बड़े-बड़े उद्योगपतियों के कारखाने चला रहा है, लेकिन खुद छत्तीसगढ़ियों को महंगी बिजली के साथ ही लो- वोल्टेज और अघोषित कटौती जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सरकार के इस रवैए से किसान, व्यापारी, छात्र सब परेशान हैं। फिर भी साय सरकार को कथित सुशासन की ढोल पीटने से फुर्सत नहीं है। पूर्व संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने साय सरकार पर केवल उद्योग पतियों को लाभ पहुंचाने के लिए काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि साय सरकार ने मिनी स्टील, रोलिंग मिल जैसे बड़े उद्योगों की बिजली दरें घटा दीं, लेकिन घर का चूल्हा जलाने वाले गरीब का बिल बढ़ा दिया। साफ है कि भाजपा की यह सरकार सिर्फ अदानी-अंबानी जैसे उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है। आम जनता, किसान, मजदूर इनके एजेंडे में कहीं नहीं हैं। भूपेश बघेल जी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को सस्ती बिजली मिली, जनता को राहत मिली। 2023 में भाजपा के मुख्यमंत्री बैठते ही जनहित की हर योजना को या तो बंद कर दिया गया या निष्क्रिय बना दिया गया। “सुशासन” का ढोल पीटने वाली साय सरकार में आज जनता त्रस्त है। आने वाले समय में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के इस अन्याय, इस लूट और इस धोखे का मुंहतोड़ जवाब देगी।