सितली नाला का हो रहा कायाकल्प, एनीकट पर पुल निर्माण की तैयारियां तेज 

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महासमुंद। नगर के ऐतिहासिक जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन और पर्यावरण को नया जीवन देने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई है। स्वाध्याय केंद्र और सहयोगी संस्था श्री कृष्ण गोपाल बालाजी सेवा समिति महासमुंद के तत्वाधान में अविरल सितली निर्मल सितली अभियान का कार्य पूरी भव्यता के साथ प्रारंभ हो चुका है। इस पुनीत अभियान के अंतर्गत महासमुंद के सितली नाला क्षेत्र में व्यापक स्तर पर सौंदर्यीकरण और नव-निर्माण का कार्य संचालित किया जा रहा है। यह संपूर्ण जनहितैषी कार्य क्षेत्र के प्रतिष्ठित समाजसेवी स्वर्गीय अशोक चौरड़िया जी की स्मृति में कराया जा रहा है।

बता दें कि वर्तमान में सितली नाला के ऊपर बने एनीकट पर मजदूरों द्वारा पूरी तन्मयता के साथ कार्य किया जा रहा है। एनीकट के दोनों तटों पर मजबूती प्रदान करने के लिए सीमेंट, गिट्टी और कंक्रीट का मसाला बनाकर ढलाई का कार्य प्रगति पर है। निर्माण समिति की देखरेख में चल रहा यह कार्य अपने अंतिम चरणों में है और उम्मीद जताई जा रही है कि यह जल्द ही पूरी तरह से संपन्न हो जाएगा।

महासमुंद के पूर्व विधायक व समिति के संस्थापक सदस्य डॉ विमल चोपड़ा ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि एनीकट के जीर्णोद्धार के साथ-साथ इसके ऊपर एक मजबूत पुल निर्माण करने की तैयारियां भी जोरों पर हैं। इसके लिए एनीकट के गेट के ऊपरी हिस्से में आवश्यक बेस (गड्ढे) तैयार किए जा रहे हैं, ताकि लोहे के पुल का निर्माण पूरी मजबूती के साथ ऊपर किया जा सके। इस पुल के बन जाने से नाले के दोनों तटों का संपर्क सुदृढ़ होगा और सितली क्षेत्र का सौंदर्य काफी बढ़ जाएगा।

समिति के सचिव मोहन साहू, सहसचिव चंद्रशेखर साहू सहित स्वाध्याय केंद्र परिवार के सदस्यों ने महासमुंद के समस्त शहरवासियों व प्रबुद्ध नागरिकों से इस पुनीत कार्य में भागीदारी निभाने का आग्रह किया है। समिति ने अपील की है कि यह अभियान पूरे महासमुंद के जल और पर्यावरण संरक्षण का महायज्ञ है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग इस अभियान से सीधे जुड़ें और अपनी स्वेच्छा से तन, मन और धन से सहयोग प्रदान करें ताकि सितली नाला को उसका प्राचीन, स्वच्छ और अविरल स्वरूप वापस मिल सके।