स्वाध्याय केंद्र समिति ने ‘सितली नाला’ के पुनर्जीवन पर बुलाई महत्वपूर्ण बैठक : शहर के पर्यावरण और जल संरक्षण को लेकर ऐतिहासिक कदम की पहल।
महासमुंद। 25 अक्टूबर 2025 को स्वाध्याय केंद्र समिति के सदस्यों एवं पदाधिकारियों द्वारा शाम 07 बजे स्वाध्याय केंद्र कार्यालय में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में विलुप्त हो चुके ‘सितली नाला’ को पुनर्जीवित करने की महत्वाकांक्षी परियोजना पर विचार-विमर्श करना रहा।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से इस परियोजना को तत्काल आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। समिति ने इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने के लिए सर्व समाज के सहयोग की अपेक्षा की है और एक व्यापक समन्वय स्थापित करने का निर्णय लिया है।
सितली नाला परियोजना को एक जन-अभियान का रूप देने के लिए, स्वाध्याय केंद्र समिति ने समाज के सभी वर्गों और संस्थाओं से सहयोग की अपेक्षा की है। प्रमुख रूप से शहर के सभी समाज जैन, सिंधी, सिख, माहेश्वरी, यादव, कुर्मी, साहू, कलार, देवांगन, सोनार, गोड़, उत्कल, सतनामी, मेहर समाज के साथ अन्य सभी समाज के सहयोग और शहर में गठित सभी संघ, तथा सभी एसोसिएशन से सहयोग हेतु संपर्क किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सेवानिवृत्त कर्मचारी-अधिकारी संघ, व्यापारी संघ, क्षेत्र के माननीय सांसद व विधायक, नपाध्यक्ष, पार्षद गण, और सभी गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) से इस परियोजना में सक्रिय भागीदारी का अनुरोध किया जाएगा।
समिति का मानना है कि शहर वासियों के सामूहिक सहयोग और व्यापक भागीदारी से ही इस परियोजना को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है और सितली नाला को उसका पुराना स्वरूप लौटाया जा सकता है।
अध्यक्ष श्री लक्ष्मीकांत पाणिग्रही ने कहा कि सीतली नाला का पुनर्जीवन सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि शहर के भविष्य के लिए एक आवश्यकता है। हम सभी से अपील करते हैं कि वे इस पुनीत कार्य में आगे आएं और सितली नाला के विकास में अपना योगदान दें।








