सितली नाला को पुनर्जीवित करने की योजना, स्वाध्याय केंद्र समिति ने शुरू किया प्रयास

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महासमुंद। नगर के महत्वपूर्ण सितली नाला को उसकी पुरानी पहचान लौटाने के उद्देश्य से स्वाध्याय केंद्र समिति ने एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है। समिति द्वारा नाले की सफाई और सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 1 करोड़ रुपये की प्रारंभिक योजना बनाई जा रही है।

सितली नाला वर्तमान में अपना अस्तित्व खो चुका है। गंदगी, झाड़ियों, कांटेदार पेड़ों, मिट्टी, कचरा और पुराने पुल के मलबे से यह पूरी तरह पट गया है। वर्षों पहले जहाँ लोग इसमें नहाते थे और निस्तारी का काम करते थे, वह अब नाले के अत्यधिक पटाव के कारण बंद हो चुका है।

इस समस्या को देखते हुए स्वाध्याय केंद्र समिति ने नाले को साफ करके एक नया स्वरूप देने का प्रयास शुरू किया है। योजना के तहत, नेशनल हाईवे 353 के पुल से लेकर (राजा मठ) श्मशान घाट तक सितली नाला की सफाई की जाएगी और पचरी का निर्माण किया जाएगा।

कार्य को पूरा करने के लिए व्यापक सहयोग जुटाने पर विचार किया गया। स्वाध्याय केन्द्र समिति जनसहयोग के साथ-साथ नगरपालिका, शासन, विधायक और सांसद से सहयोग लेने की योजना बना रही है। इसके अलावा, महासमुंद में पले-बढ़े और वर्तमान में बड़े महानगरों में कार्यरत लोगों तथा CSR मद से भी मदद ली जाएगी।

इसी पहल के अंतर्गत, स्वाध्याय केंद्र समिति के सदस्यों ने आज 15/10/2025 बुधवार को श्मशान घाट से लेकर पुल तक पूरे सितली नाला का निरीक्षण किया और कार्य की संभावनाओं पर विचार किया।

निरीक्षण के बाद, इंजीनियर बी.आर. साहू को इस परियोजना की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रारंभिक चर्चाएँ और बैठकें पूरी हो चुकी हैं, और समिति शीघ्र ही नगर के समाज सेवी लोगों की एक बैठक स्वाध्याय केंद्र में आयोजित करेगी, जिसमें आगे की विस्तृत योजना पर काम किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान स्वाध्याय केंद्र समिति के भूपेंद्र राठौर, महेश चंद्राकर, चंद्रशेखर साहू, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, नपा उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, इंजीनियर बी.आर. साहू, जितेंद्र साहू, मोहन साहू, विक्की गुरूदत्ता, गोवर्धन प्रधान, लक्ष्मीकांत यदु, अभिषेक पांडे, सुरेन्द्र ठेठवार सहित अन्य शामिल थे। समिति का प्रयास है कि नाले को पुनर्जीवित करने का यह कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जाए।