मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश के दमोह ज़िले के सतरिया गांव में एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक युवक को कथित रूप से दूसरे व्यक्ति के पैर धोकर पानी पीने के लिए मजबूर किया गया.
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. बताया गया है कि यह विवाद एक मीम पोस्ट को लेकर शुरू हुआ था.
20 वर्षीय युवक पुरुषोत्तम कुशवाहा ने कुछ समय पहले अनुज पांडे नाम के एक व्यक्ति की फोटो पर टिप्पणी किया था, जिसके बाद गांव में बैठक बुलाकर उससे पैर धोकर माफ़ी मांगने के लिए कहा गया.
पुरुषोत्तम ने कहा, “मैंने पोस्ट कर दिया था लेकिन बाद में हटा लिया था. फिर भी गांव के कुछ लोगों ने पंचायत में मुझसे पैर धुलवाए और वही पानी पिलाया.”
उन्होंने यह भी कहा कि यह सब दबाव में हुआ, लेकिन वे इसे राजनीतिक रंग नहीं देना चाहते.
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने संबंधित व्यक्ति और अन्य लोगों पर धर्म, जाति, भाषा, या जन्मस्थान जैसे आधारों पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता या घृणा को बढ़ावा देने वाली बीएनएस की धारा 196(1)(बी) के तहत मामला दर्ज किया है.
दमोह के पुलिस अधीक्षक श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने कहा, “मामले की जांच जारी है, साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी.”
रविवार 12 अक्तूबर को अनुज पांडे का फोन लगातार बंद आ रहा था.
अनुज पांडे के भाई दीनदयाल पांडे ने कहा, “हम लोगों ने कोई ज़बरदस्ती नहीं की है. सामने वाले ने अपनी मर्ज़ी से गुरु होने के नाते अनुज के पैर धोए थे. उन्होंने अनुज की फोटो पर जूतों की माला पहनाई थी और उसी हरक़त की माफ़ी मांगा था”
हालांकि पुरूषोतम ने कहा कि उन पर दबाव बनाकर अनुज पांडे के पैर धुलवाए गए थे, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वो इस मामले को राजनीतिक तूल नहीं देना चाहते हैं.
राजनीतिक दलों ने भी बयान दिए हैं. कांग्रेस ने इस घटना को “मानवता और संवैधानिक मूल्यों के ख़िलाफ़” बताया, जबकि बीजेपी का कहना है कि “सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति स्पष्ट है, किसी भी भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”
फिलहाल सतरिया गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.








