अमेरिका-भारत रिश्तों में उतार-चढ़ाव के बीच अब सकारात्मक संकेत दिख रहे हैं. ट्रंप ने पहले भारत पर टैरिफ लगाकर रिश्तों में तनाव बढ़ाया, लेकिन अब पीएम मोदी की तारीफ़ करते हुए दोस्ती पर ज़ोर दिया. पीएम मोदी ने भी ट्रंप की भावनाओं की सराहना की. बदलते सुर बताते हैं कि तनाव कम हो रहा है और आने वाले समय में आर्थिक बातचीत आगे बढ़ सकती है.
नईदिल्ली। किसी भी देश की नीति और नेता ही उस मुल्क का भविष्य तय करते हैं, लेकिन दोनों ही हर बदलते 24 घंटे के साथ बदलने लग जाएं तो फिर देश गहरी खाई में चला जाता है. शायद अमेरिका के साथ भी ऐसा ही हो रहा है. डोनाल्ड ट्रंप का हर कदम और हर फैसले उनसे ज्यादा, अमेरिका के लिए घातक साबित हो रहे हैं. कभी भारत जैसे स्ट्रेजिक पार्टनर पर ट्रेरिफ बम फोडना, कभी कड़े प्रतिबंध लगाने की धमकी देना तो कभी भारत की दोस्ती को खो देने की बात करना अब ट्रंप प्रशासन को ही भारी पड़ रहा है और शायद इसी वजह से ट्रंप को देर से ही सही ये समझ आने भी लगा है.
राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच टैरिफ के बाद संबंधों में तनाव खत्म होता दिख रहा है. पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ की, उन्हें अपना दोस्त और महान नेता बताया. जिसका जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वो राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं की तहे दिल से सराहना करते हैं और उनका पूर्ण समर्थन करते हैं. इससे पहले ट्रंप ने ये भी कहा था कि ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है, लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति का बदला रुख दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती का संकेत दे रहा है.
विश्व राजनीति में गिले-शिकवे हो सकते हैं, लेकिन दोस्ती की डोर कमजोर नहीं पड़ सकती. तभी तो भारत को डेड इकनॉमी बताने वाले ट्रंप के सुर बदल गए हैं और शायद उन्हें भारत को खोने का डर भी सताने लगा है. विश्व पटल पर भारत का बढ़ता कद ही है, जो ट्रंप को एहसास दिला रहा है कि मोदी की दोस्ती कितनी जरूरी है. अब जब दोस्त अपनी दोस्ती का हवाला दे रहा है, तो भला पीएम मोदी भी कैसे देर करते. पीएम मोदी ने ट्रंप की भारत-अमेरिका संबंधों पर सकारात्मक टिप्पणियों की सराहना की और कहा कि वो ट्रंप की भावनाओं का सम्मान करते हैं और भारत और अमेरिका के बीच का रिश्ता सकारात्मक है.








