1 नवंबर से धान समानता शुरू करे भाजपा सरकारः कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर

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महासमुंद। 1 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन शुरू करने की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस के जिला अध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अन्नदाता किसानों का प्रदेश है, धान का कोरा कट कहा जाता है, यहां पर धान की तैयारी बहुत बड़े पैमाने पर की जाती है। लेकिन इस सरकार में अब तक संबंध, मार्केड और नान में गठबंधन समन्वय नहीं बन पाया है, यह सरकार धान गठबंधन की तैयारी को लेकर गंभीर नहीं है। 3 महीने पहले ही कलेक्शन शुरू हो गया था
। अर्ली वैरायटी के हरहुना धान पैक कर कटिंग के लिए तैयार है, लेट वैरायटी के माई धान भी के तुरंत बाद कटिंग शुरू हो जाएगी, अक्टूबर के अंत तक किसानों का पूरा धान कटिंग तैयार हो जाएगी। मौसम लगातार खराब चल रहा है, किसानों के पास अपनी फसल को बचाने के लिए खलियान और कोठारो में स्थान सीमित हैं। अन्नदाता किसानों के 12 महीने के खर्चे का आसरा और कुल कमाई यही है, अपने परिश्रम से उपजाएं औरों को सुरक्षित रखना आसान नहीं बल्कि सरकार 1 नवंबर से ही धान जुटाए।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा कि भाजपा
सरकार की किसान विरोधी निर्णयों से किसान चिंतित हैं। पहले बीज और खाद की कमी, फिर डीएपी और यूरिया की कालाबाजारी, खाद सब्सिडी में कटौती के चलते छत्तीसगढ़ में में इस बार अभूतपूर्व उर्वरक संकट से किसानों को जूझना पड़ा है, जिसका सीधा असर उत्पादकता पर पड़ रही है। अब जब फसल तैयार हो गई तो खरीदी 15 दिन बाद करने के तुगलकी फैसले से किसानों को अपनी उपज बचाने की चिंता सता रही है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा कि भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीति से एम एस पी पर धान उपार्जन की व्यवस्था पर संशय की स्थिति है। न भुगतान के लिए फंड की व्यवस्था है, न किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया पूरी हो पाई है। पिछले साल 27 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था, सरकार के दावे के अनुसार ही इस बार अभी तक मात्र 25 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है।आगे डॉ रश्मि चंद्राकर ने बताया कि धान खरीदी प्रारंभ होने वाली है भाजपा सरकार ने एग्रीस्टेक पंजीयन को अनिवार्य कर दिया है महासमुंद जिले में हजारों किसानों का अब तक एग्रीस्टेक पंजीयन नहीं हो पाया है। ऐसे में बिना पंजीयन वाले किसानों को अपने खून-पसीने से उपजाए धान को बेचने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।